कोर पाठ्यक्रम किसे कहते हैं परिभाषा तथा उद्देश्य what is core curriculum

कोर पाठ्यक्रम किसे कहते हैं परिभाषा तथा उद्देश्य what is core curriculum

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, आज के हमारे इस लेख कोर पाठ्यक्रम किसे कहते हैं परिभाषा तथा उद्देश्य (what is core curriculum definition and aims) में।

दोस्तों इस लेख के माध्यम से आज आप पाठ्यक्रम का एक प्रमुख प्रकार कोर पाठ्यक्रम के बारे में जानेंगे, कि कोर पाठ्यक्रम किसे कहते हैं

कोर पाठ्यक्रम की परिभाषा तथा उद्देश्य के साथ आप कोर पाठ्यक्रम के गुण तथा दोष के बारे में भी जानेंगे तो आइए दोस्तों करते हैं यह लेख शुरू कोर पाठ्यक्रम किसे कहते हैं परिभाषा तथा उद्देश्य:-

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कोर पाठ्यक्रम किसे कहते हैं परिभाषा तथा उद्देश्य

कोर पाठ्यक्रम किसे कहते हैं what is core curriculum

कोर पाठ्यक्रम बालकों की दृष्टि तथा सुविधा के अनुसार बनाया हुआ एक ऐसा बहुमुखी और उपयोगी पाठ्यक्रम होता है, जिसमें एक साथ कई पाठ्यक्रमों का समावेश किया जाता है। इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत कई विषय होते हैं और ऐसा निश्चित नहीं होता है,

कि इन सभी विषयों का अनिवार्य रूप से अध्ययन छात्र-छात्राओं को करना पड़े। कोर पाठ्यक्रम के अंतर्गत कुछ विषय तो अनिवार्य विषय  (Compulsory subject) होते हैं, किंतु कुछ विषय ऐसे होते हैं,

जिन्हें छात्र अपनी इच्छा अपनी रूचि और क्षमता के अनुसार चयन कर सकता है, उनको पढ़ सकता है। इसीलिए साधारण शब्दों में कहा जा सकता है, कि कोर पाठ्यक्रम एक ऐसा व्यवस्थिकारण है,

जिसमें कई विषयों का समावेश रहता है और उसमें कुछ अनिवार्य विषय के साथ कुछ ऐसे विषय होते हैं, जिन्हें विद्यार्थी अपनी क्षमता और बुद्धि के आधार पर ले सकता है।

कोर पाठयक्रम की परिभाषा Definition of core curriculum 

वह पाठ्यक्रम जो बाल केंद्रित होता है, तथा बालक की अनुकूलतम परिस्थितिओं को देखकर तैयार किया जाता है, जिसमें कुछ अनिवार्य विषय तथा कुछ विषय ऐसे होते है जिन्हे छात्र अपनी क्षमता के आधार पर चुन सकते है, ताकि सभी छात्रों को शिक्षा देकर उनका तथा समाज का विकास किया जा सके। 

कोर पाठ्यक्रम के उद्देश्य Core Curriculum Objectives

किसी भी पाठ्यक्रम का निर्माण किसी भी वांछित उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इसी प्रकार से कोर पाठ्यक्रम का निर्माण किसी ना किसी उद्देश्य की पूर्ति करने के लिए ही किया गया है।

साधारण शब्दों में कह सकते हैं कि कोर पाठ्यक्रम का उद्देश्य समाज और व्यक्ति दोनों का ही शिक्षा के माध्यम से विकास करना होता है।

प्रत्येक बालक को देश का अच्छा नागरिक बनाने के लिए और शिक्षा के माध्यम से उसे अपनी भावी समस्याओं को सुलझाने,अपने पैरों पर खड़ा होने, शिक्षा के क्षेत्र में अपना विकास करने

अर्थात साधारण भाषा में कह सकते हैं, कि बालकों को भावी समस्याओं में होने वाली परेशानियों को सुलझाने के योग्य बनाना ही कोर पाठ्यक्रम का उद्देश्य होता है।

कोर पाठ्यक्रम के अनिवार्य विषय Compulsory Subjects of Core Curriculum

कोर पाठ्यक्रम एक ऐसा पाठ्यक्रम होता है, जिसमें कुछ अनिवार्य विषय होते हैं, जिनका अध्ययन प्रत्येक छात्र छात्राओं को करना ही होता है,

किंतु कुछ ऐसे विषय भी होते हैं, जिनका चयन छात्र तथा छात्राएँ अपनी रुचि क्षमता के आधार पर कर सकते हैं। कोर पाठ्यक्रम के अंतर्गत अनिवार्य रूप से अध्ययन करना होता है:-

स्वास्थ्य शिक्षा एवं शारीरिक प्रशिक्षण (Health education and physical training) 
कला संगीत एवं प्रयोगात्मक कार्य (Art music and physical work) 
विज्ञान (Science) 
मानवीय एवं सामाजिक विषय (Human and social subject) 
गणित (Mathematics) 
भाषा (Language)

कोर पाठ्यक्रम की विशेषताएँ  Core Curriculum Features

  1. एक ही ज्ञान को अनेक विषयों के माध्यम से प्रदान किया जाता है, जिससे शिक्षण अधिक प्रभावी होता है।
  2. कोर पाठ्यक्रम के अंतर्गत एक से अधिक विषय पढ़ाए जाते हैं, जिनमें कुछ अनिवार्य और कुछ वैकल्पिक (Optional subject) होते हैं।
  3. यह पाठ्यक्रम सीखने के उन सभी अनुभवों और पहलुओं पर बल देता है, जो छात्रों के लिए लाभकारी और समाज के लिए हितकारी होते हैं।
  4. कोर पाठ्यक्रम का संगठन बालकों की व्यक्तिगत समस्याओ उनकी क्षमता और रुचियों को ध्यान में रखकर किया गया है, इसीलिए यह पाठ्यक्रम बाल केंद्रित पाठ्यक्रम होता है।
  5. कोर पाठ्यक्रम में बालकों की विभिन्न क्रियाओं के फलस्वरुप वर्तमान और भावी समस्याओं का समाधान करने का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे अपने जीवन में आने वाली सभी समस्याओं का निपटारा कर सकें।
  6. इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों को शिक्षण विधियों के चयन में स्वतंत्रता दी जाती है और पाठ्यक्रम के ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में सह संबंध स्थापित रहता है।

कोर पाठ्यक्रम की सीमाएँ Core Curriculum Limitations

कोर पाठ्यक्रम की कुछ सीमाएँ भी हैं,जो निम्न प्रकार से हैं:-

  1. कोर पाठ्यक्रम में पाठ्य सामग्री अपर्याप्त होती है और पाठक विषय वस्तु का चयन समस्याओं के आधार पर ठीक प्रकार से भी नहीं हो पाता है इसलिए कुछ हद तक शिक्षण प्रभावित रहता है।
  2. इस पाठ्यक्रम में छात्रों के समस्त महत्वपूर्ण अनुभवों को स्थान प्राप्त नहीं हो पाता है।
  3. कोर पाठ्यक्रम के द्वारा प्राप्त किए हुए ज्ञान में कोई क्रमबध्यता नहीं पाई जाती है।
  4. कोर पाठ्यक्रम एक बाल केंद्रित पाठ्यक्रम होता है और इसमें अर्थात इसके शिक्षण में अधिक समय लगता है।
  5. कोर पाठयक्रम से शिक्षा प्राप्त कर व्यक्ति कॉलेज में प्रवेश लेने की पात्रताओं को पूरा नहीं कर पाता है। 

दोस्तों इस लेख में आपने कोर पाठ्यक्रम किसे कहते हैं परिभाषा तथा उद्देश्य (what is core curriculum definition and aims) के साथ अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जाना आशा करता हूँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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