भारतीय शिक्षा नियोजन की विशेषताएँ characteristic of Indian educational planning

भारतीय शिक्षा नियोजन की विशेषताएँ

भारतीय शिक्षा नियोजन की विशेषताएँ characteristic of Indian educational planning 

दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख भारतीय शिक्षा नियोजन की विशेषताएँ (characteristic of Indian educational planning) में।

दोस्तों इस लेख के माध्यम से आप भारत में भारतीय शिक्षा नियोजन की विशेषताएँ पड़ेंगे। तो आइये करते है शुरू भारतीय शिक्षा नियोजन की विशेषताएँ:-

भारतीय शिक्षा नियोजन की विशेषताएँ characteristic of Indian educational planning 

प्रत्येक राष्ट्र शैक्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विशेष प्रकार की शैक्षिक नियोजन योजनाओं का निर्माण करता है, जिनमें विभिन्न प्रकार की विशेषताएँ भी होती हैं, इसी प्रकार से भारतीय शैक्षिक नियोजन की कुछ प्रमुख विशेषताओं का वर्णन यहाँ पर किया गया है:-

  1. आर्थिक नियोजन के रूप में शैक्षिक नियोजन - भारत का शैक्षिक नियोजन भारतीय अर्थव्यवस्था पर आधारित होता है अर्थात भारत की अर्थव्यवस्था पर आश्रित होता है, कहा जा सकता है, कि भारत का शैक्षिक नियोजन भारत के आर्थिक नियोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसीलिए धन के अभाव में भारत में कई विशेष प्रकार की ऐसी योजनाएँ भी सफल नहीं हो पाती हैं।
  2. व्यक्ति व समाज दोनों का अधिकतम विकास - भारत में जितनी भी शैक्षिक योजनाएँ तैयार की जाती हैं, वह मुख्य रूप से व्यक्ति और समाज दोनों के विकास को देखकर तैयार की जाती हैं। जब भारत में शैक्षिक योजनाओं के स्वरूप का निर्धारण होता है, तब व्यक्ति और समाज दोनों का संतुलित विकास हो सके इस पॉइंट को मुख्य रूप से देखा जाता है। देश में जितनी भी आर्थिक क्रियाओं का एकीकरण होता है, वह व्यक्ति और समाज के अधिकतम विकास को ध्यान में रखकर तैयार होता है।
  3. देश में सांस्कृतिक प्रगति लाना - भारतीय शैक्षिक नियोजन भारतीय संस्कृति को संरक्षण भी प्रदान करता है और आवश्यकता पड़ने पर उसका फिरसे निर्माण भी करता है, अर्थात कह सकते हैं, कि भारतीय शिक्षा नियोजन के अंतर्गत देश की सांस्कृतिक प्रगति का लक्ष्य छिपा रहता है।
  4. सामाजिक परिवर्तन लाना - पुराने समय से ही अंधविश्वास, रूढ़िवादिता, अज्ञानता कई विकार छुपे हुए है, इसलिए भारतीय शैक्षिक नियोजन का उद्देश्य इन सभी विकारों को दूर करना होता है, ताकि नवीन चेतना जागृत हो सके और समाज विकास की ओर जा सके।
  5. देश में आर्थिक प्रगति लाना - भारतीय शैक्षिक नियोजन का लक्ष्य यह भी होता है, कि भारत देश को आर्थिक प्रगति पर किस प्रकार से लाया जा सके। इसके लिए भारतीय शैक्षिक नियोजन के अंतर्गत भविष्य में आर्थिक प्रगति उत्पन्न करने के लिए भारतीय समाज में आवश्यकताओं की पूर्ति करना उपयुक्त साधनों को उपयोगी बनाना तथा योजनाओं के द्वारा उन पर कार्य करना भी शामिल होता है।
  6. केंद्रीय तथा राज्य सरकारों द्वारा समान रूप से रुचि लेना- भारत एक संघात्मक राज्य होने के साथ ही एकात्मक राज्य भी है। इस दृष्टि से शैक्षिक नियोजन में केवल राज्य सरकारें ही रुचि नहीं लेती वल्कि केंद्रीय सरकार भी समान रूप से रूचि ले रही हैं। शैक्षिक नियोजन में किसी क्षेत्र विशेष को महत्व देकर संपूर्ण राष्ट्र को महत्व दिया जाता है, ताकि संपूर्ण राष्ट्र प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सके।
  7. स्थानीय आवश्यकताओं को प्रमुखता - भारतीय शैक्षिक नियोजन में यदि राष्ट्रीय स्तर की बातों को महत्व दिया जाता है तो दूसरी ओर स्थानीय आवश्यकताओं को भी महत्व दिया जाता है। शैक्षिक नियोजन में स्थानीय आवश्यकताओं, साधनों तथा उपलब्ध सामाग्रियों पर विशेष रूप से विचार किया जाता है और स्थानीय शैक्षिक प्रगति हेतु विचार भी होता है। यह उल्लेखनीय है, कि स्थानीय प्रगति से लेकर राष्ट्रीय प्रगति हेतु केंद्र और राज्य तथा स्थानीय सरकारें सहयोगी के रूप में कार्य करती हैं।
  8. अल्पकालीन योजनाओं का निर्माण - भारत में शिक्षा का पर्याप्त विकास होना इस दृष्टि से पंचवर्षीय योजनाओं के अंतर्गत अनेक शैक्षिक अल्पकालीन योजनाएँ कार्य कर रही हैं, जिसके माध्यम से शैक्षिक प्रगति होना संभव प्रतीत होता है।
  9. दीर्घकालीन योजनाओं का निर्माण - भारतीय शिक्षा नियोजन के अंतर्गत अल्पकालीन योजनाओं के साथ ही दीर्घकालीन योजनाएँ भी बनाई जाती हैं। इन दोनों दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन योजनाओं का एक साथ समावेश होना भारतीय शैक्षिक योजनाओं नियोजन की प्रमुख विशेषता है।
  10. भारतीय आकांक्षा तथा आदर्शों का संरक्षण - भारतीय शैक्षिक नियोजन में भारतीय आकांक्षाओं आदशोँ एवं मान्यताओं को विशेष महत्व दिया जाता है, जिससे किसी भी भारतीयता को किसी विशेष प्रकार की ठेस नहीं पहुंचती है।

दोस्तों यहाँ आपने भारतीय शिक्षा नियोजन की विशेषताएँ (characteristic of Indian educational planning) पड़ी। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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  1. शैक्षिक नियोजन के प्रकार
  2. शैक्षिक नियोजन क्या है अर्थ, उद्देश्य, आवश्यकता


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