मत्स्य वर्ग के मुख्य लक्षण Main characteristics of fish class




मत्स्य वर्ग के मुख्य लक्षण

मत्स्य वर्ग के मुख्य लक्षण Main characteristics of fish class

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है आज के इस लेख में मत्स्य के मुख्य लक्षणों (Main characteristics of fishes) में। दोस्तों इस लेख में आप मत्स्य वर्ग के मुख्य लक्षणो के

साथ,मत्स्य वर्ग क्या है, मत्स्य वर्ग का वर्गीकरण (Classification) भी पड़ेंगे। तो आइये दोस्तों पढ़ते है. यह लेख मत्स्य वर्ग के लक्षण:-

कोशिका किसे कहते है

मत्स्य वर्ग क्या है what is class fish class

मत्स्य वर्ग में उन सभी समुद्री लवणीय और अलवणीय जल में रहने वाले सभी प्राणियों को सिम्मिलित किया गया है, जिनका शरीर धारारेखीय जबडे मजबूत तथा प्रष्ठरज्जू चिरकालिक रूप में उपस्थित होती है।

मत्स्य वर्ग संघ कॉर्डेटा के उपसंघ वर्टीव्रेटा के महावर्ग ग्नेथोस्टोमेटा के वर्ग ऑस्टिकथीज (मत्स्य) में रखा गया है। ओस्टिकथीज दो शब्दों से मिलकर बना है. Osteos = Bone जिसका अर्थ है "अस्थि"

तथा Ichthyes = fish अर्थात "मछली" अर्थात ओस्टिकथीज वर्ग में अस्थियुक्त मछलियों को रखा गया है। इस वर्ग में 20000 से अधिक जीवित प्रजातियाँ और लगभग 5000 से अधिक विलुप्त प्रजातियाँ शामिल है।

सरिसृप वर्ग के लक्षण

मत्स्य वर्ग के मुख्य लक्षण


मत्स्य वर्ग के लक्षण characteristics of fish class

मत्स्य वर्ग (ऑस्टिकथीज) संघ कॉर्डेटा के अंतर्गत आता है। मत्स्य वर्ग के लक्षण निम्न प्रकार है:-

त्वचा और बाह्य कंकाल (skin and outer skeleton) - इनकी त्वचा म्यूकस ग्रंथियुक्त होती है जो गेनॉइड, साइक्लोइड, टीनोंइड नामक डर्मल शल्क से ढंकी रहती है, जबकि कुछ मछलियों में शल्क (Scale) उपस्थित होते हैं।

अंतः कंकाल (Internal skeleton) - मछलियों का अंतः कंकाल अंखियों से बना हुआ होता है किन्तु कुछ प्राणियों जैसे स्टर्जन्स में उपास्थि से निर्मित कंकाल भी पाया जाता है।

फिन (Fin) - मछलियों में पेक्टरल और पेल्विक फिन युग्मित होते हैं जबकि मध्य में उपस्थित मध्यस्थ फिन आयुगमित होते हैं. जो कांकली संरचना फिन रे से आलंबित रहते हैं।

मुख और जबड़े (Mouth and jaw) - सभी मछलियों का मुख शरीर के अग्र शिरे पर स्थित होता है. इनके जबडे विकसित अस्थियुक्त मजबूत होते है। इनके जबड़ो में अनेक दाँत पाए जाते है।

वायु आशय (Air intent) - मछलियों में वायु आशय जिन्हे वाताशय कहते है, उपस्थित होते है. यह वाताशय फेरिंग्स (farings) से जोड़ने वाली नालिकायुक्त या नालिकाविहीन होते है।

श्वशन (Respiration) - श्वशन के लिए मछलियों में 4 जोड़ी पशारवीय गिल होते है। ये सभी गिल अस्थिल गिल चापों पर पाए जाते है। तथा एक संरचना गिल अाच्छाद से ढंके रहते है।

परिसंचरण तंत्र (Circulatory system) - मछलियों में ह्रदय (Heart) दो कोष्ठों से निर्मित होता है। जो एक अलिन्द और एक निलय होता है। इनमें लाल रक्त कणिकाएँ गोल और केंद्रकयुक्त होती है। मत्स्य वर्ग के सभी जंतु असमतापी होते है।

उत्सर्जी तंत्र (Excretory system)  - मछलियों में उत्सर्जन के लिए एक जोड़ी वृक्क होते है। यह वृक्क मीजोनेफ़्रिक (Mesonephric) प्रकार के होते है।

सभी मछलियाँ यूरिया का उत्सर्जन उत्सर्जी पदार्थ के रूप में करती है। इनको यूरियोटेलिक (Ureotelic) कहा जाता है।

तंत्रिका तंत्र (Nervous system)- मत्स्य वर्ग में 10 जोड़ी कपाल तांत्रिकायें उपस्थित होती है, जबकि मस्तिष्क छोटा होता है। घ्राण पिंड और सेरिब्रम (Cerebrum)  अल्पविकसित होते है, किन्तु सेरिबेलम (Cerebellum) पूर्ण विकसित होता है।

संवेदी अंग (Sensory organ) - मछलियों में पाशर्व रेखा तंत्र पूर्ण विकसित होता है. जबकि अन्तः कर्ण में तीन अर्ध वृत्ताकार नालिकायें उपस्थित होती है।

प्रजनन तंत्र (Reproductive system) - मत्स्य वर्ग के जंतुओ में लिंग अलग - अलग होते है. जनद युगमित सर्वाधिक जंतु अंडे देने वाले और परिवर्धन प्रत्यक्ष होता है।

मत्स्य वर्ग का वर्गीकरण Classification of fish class

मत्स्य वर्ग को पारकर और हेजवेल नामक वैज्ञानिक ने दो उपवर्गों में बांटा है।

1. उपवर्ग - एक्टिनोटेरीजाई

सामान्य लक्षण

यह मछलियाँ मध्य डिवोनियन काल में विकसित मछलियों का उपवर्ग था।

इनमें फिन युगमित थे जो मेखलाओं से आलंबित थे।

इन मछलियों में शवशन रंध्र नहीं पाए जाते थे।. किन्तु गिल ओपरकुलम संरचना से सुरक्षित रहते थे।

इन प्राणियों की पूंछ सामान्यता होमोसरकल प्रकार की होती थी।

इस उपवर्ग को तीन सुपर आर्डर में बांटा गया है:-

1. सुपर ऑर्डर - कॉन्ड्रोस्टी

2. सुपर ऑर्डर - होलोस्टाइ

3. सुपर ऑर्डर - टीलीयोस्टई

2. उपवर्ग - क्रोसोप्टेरिजाई

सामान्य लक्षण

इस उपवर्ग की मछली को फेफड़ा मछली कहा जाता है

इन मछलियों के युगमित फिन में शल्क होते हैं जो एक-एक पाली में पाए जाते हैं।

इन प्राणियों में आंतरिक नासिका द्वार पाए जाते हैं।

इस उपवर्ग को दो गणों आर्डर में बांटा गया है:-

1. ऑर्डर - रिपिडिसटिया

2. ऑर्डर - डिपनोई

दोस्तों इस लेख में मत्स्य वर्ग के मुख्य लक्षण (Main characteristics of fishes) के साथ वर्गीकरण समझाया गया, आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

इसे भी पढ़े:-

  1. लिवर फ्लूक के लक्षण
  2. उभयचर के लक्षण
  3. शुक्राणुजनन क्या है



 

0/Post a Comment/Comments

в