अणु और परमाणु में अंतर Difference between molecule and atom
हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, हमारे इस लेख अणु और परमाणु में अंतर (Difference between molecule and atom) में। दोस्तों इस लेख के माध्यम से आज आप अणु और परमाणु क्या है?
अणु और परमाणु में अंतर तथा अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में जानेंगे तो आइए दोस्तों करते हैं, शुरू आज का यह लेख अणु और परमाणु में अंतर:-
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अणु किसे कहते है What is Molecule
अणु किसी पदार्थ या यौगिक का वह छोटे से छोटा कण होता है, जो परमाणुओं से मिलकर बना होता है अर्थात कहा जा सकता है, कि किसी भी प्रकार के यौगिक का सबसे छोटा कण अणु कहलाता है,
जबकि अणु विभिन्न प्रकार के तत्वों के परमाणु के सहयोग से मिलकर बना होता है या फिर एक ही प्रकार के तत्व के अनेक परमाणुओं के सहयोग से मिलकर बना होता है। साधारण भाषा में कहा जा सकता है,
कि अणु किसी पदार्थ का वह छोटे से छोटा कण है, जिसका स्वतंत्र अवस्था में ही अस्तित्व होता है, जिसमें पदार्थ के सभी प्रकार के गुण विद्यमान होते हैं। तत्वों की प्रकृति की दृष्टि से अणु को दो प्रकार के भागों में बांटा गया है:-
- सम परमाणु वाले अणु:- यह वे अणु होते हैं, जिनका निर्माण एक ही प्रकार के परमाणुओं से होता है, अर्थात वे सभी परमाणु जो एक ही तत्व के होते हैं और एक अणु का निर्माण करते हैं, उनको सम परमाणविक अणु कहा जाता है। उदाहरण स्वरूप O2 ( ऑक्सीजन ) N2 ( नाइट्रोजन ) आदि।
- विषम परमाणु वाले अणु:- यह वे अणु होते हैं, जिनका निर्माण दो या दो से अधिक तत्वों के परमाणुओं के सहयोग से होता है, इसीलिए इनको यौगिक का नाम भी दिया गया है। उदाहरण स्वरूप HCl (हाइड्रोक्लोरिक एसिड) CH4 (मीथेन) आदि।
परमाणु किसे कहते है What is Atom
परमाणु किसी भी तत्व या पदार्थ का वह छोटे से छोटा कण होता है, जो स्वतंत्र अवस्था में नहीं रह सकता है तथा रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है और इसे और विभाजित नहीं किया जा सकता।
डाल्टन के परमाणु सिद्धांत (Dalton's atomic theory) के अनुसार प्रत्येक तत्व परमाणुओं से मिलकर बने हुए हैं, परमाणु की कल्पना को समझने के लिए किसी भी एक तत्व को ले लीजिए जैसे कि हम सोना (गोल्ड) को लेते हैं,
अब इस तत्व के लगातार टुकड़े करते रहिए अंत में एक ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाएगी, कि उस छोटे से छोटे टुकड़े को और विभाजित नहीं कर सकते उसको ही हम परमाणु कहते हैं, अर्थात कह सकते हैं किसी भी तत्व का सबसे छोटा कण जो विभाजित नहीं हो सके उसे परमाणु कहा जा सकता है।
प्रकृति में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जैसे कि हाइड्रोजन (H2) ऑक्सीजन (O2) नाइट्रोजन (N2) क्लोरीन (Cl2) आदि स्वतंत्र अवस्था में नहीं रह सकते, जबकि कुछ ऐसे तत्व जैसे कि हिलियम (He) नियॉन (Ne) आर्गन (Ar) जैसे परमाणु स्वतंत्र अवस्था में भी रहते हैं।
परमाणु मुख्य रूप से तीन प्रकार के कणों से मिलकर बना हुआ होता है, जिन्हें इलेक्ट्रॉन, न्यूट्रॉन और प्रोटॉन के नाम से जाना जाता है, जिनमें इलेक्ट्रॉन ऋणावेश होता है, जो परमाणु की कक्षा में होता है,
जबकि प्रोटोन धनावेश होता है, जो परमाणु के नाभिक में पाया जाता है और न्यूट्रॉन पर किसी भी प्रकार का आवेश नहीं पाया जाता, जो परमाणु के नाभिक में उपस्थित होता है
अणु और परमाणु में अंतर Difference between molecule and atom
किसी भी तरह का वह छोटे से छोटा कण जो स्वतंत्र अवस्था में नहीं रह सकता है, उसे परमाणु कहा जाता है, जबकि यौगिक का वह छोटे से छोटा कण जो स्वतंत्र अवस्था में रह सकता हो उसको अणु कहा जाता है।
परमाणु स्वतंत्र अवस्था में ना रहने के कारण रासायनिक क्रिया में भाग लेता है, जबकि अणु स्वतंत्र अवस्था में रहते हैं, इसीलिए यह रासायनिक अभिक्रिया में भाग नहीं लेते अपवाद बहुलक (Polymers)
परमाणु जब रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं, तो इनको और अधिक विभाजित नहीं किया जा सकता, जबकि रासायनिक अभिक्रिया में अणुओं का भाग लेने के पश्चात यह विभाजित हो जाते हैं।
किसी तत्व के सभी प्रकार के परमाणु समान होते हैं, उनके गुण-धर्म एक से होते हैं, जबकि एक या अनेक प्रकार के परमाणुओं के सहयोग से बनने वाले अणु के गुण अलग-अलग होते हैं।
परमाणु के मूल कण Fundamental particles of an atom
- इलेक्ट्रॉन :- इलेक्ट्रॉन की खोज जे.जे. थॉमसन नामक वैज्ञानिक ने की थी उन्होंने बताया था, कि इलेक्ट्रॉन ऐसा कण होता है, जिसका द्रव्यमान लगभग शून्य के बराबर होता है, किंतु इस पर ऋण आवेश होता है और यह परमाणु के कक्षाओं में चक्कर लगाता रहता है।
- प्रोटॉन :- प्रोटॉन की खोज का श्रेय रदरफोर्ड नामक वैज्ञानिक को जाता है। प्रोटोन का द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान के ठीक बराबर ही होता है, किंतु इस पर धन आवेश होता है और इसी के कारण ही किसी परमाणु की परमाणु संख्या को दर्शाया जाता है। प्रोटोन परमाणु के नाभिक में उपस्थित रहने वाला कण होता है।
- न्यूट्रॉन:- न्यूट्रॉन की खोज चैडविक नामक वैज्ञानिक ने 1932 में बेरिलियम धातु पर अल्फा कणों से आघात कराने के पश्चात की थी। इसका विस्तृत अध्ययन करने के पश्चात यह ज्ञात हुआ कि न्यूट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटोन के द्रव्यमान के लगभग बराबर ही होता है, किंतु यह कण आवेश रहित होता है, जो किसी भी परमाणु के नाभिक में उपस्थित रहता है।
परमाणु भार या परमाणु द्रव्यमान Atomic weight or atomic mass
परमाणु संरचना के आधार पर यह ज्ञात होता है, कि परमाणु में तीन प्रकार के कण पाए जाते हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉन परमाणु के कक्षा में जबकि परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं।
इसीलिए परमाणु के नाभिक में पाए जाने वाले प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का भार किसी परमाणु का परमाणु भार या परमाणु द्रव्यमान होता है, किंतु किसी भी तत्व का परमाणु इतना छोटा होता है, कि उसका द्रव्यमान ज्ञात करना इतना आसान काम नहीं है,
किंतु विभिन्न प्रकार की रासायनिक विधियों से यह ज्ञात किया गया, कि हाइड्रोजन परमाणु का निरपेक्ष द्रव्यमान 1.66×10-24 ग्राम जबकि ऑक्सीजन का 2.66x10-23 ग्राम होता है, जिससे यह तो स्पष्ट हो जाता है, कि परमाणु के द्रव्यमान के लिए ग्राम बहुत बड़ी इकाई होती है, इसलिए यह तय किया गया है,
कि परमाणु द्रव्यमान की किसी एक प्रमाणिक परमाणु के निर्माण के सापेक्ष प्रदर्शित किया जाना चाहिए। हाइड्रोजन सबसे हल्का परमाणु होता है, इसीलिए इसके एक परमाणु के द्रव्यमान को ही प्रमाणिक माना गया है, इसीलिए हाइड्रोजन के सापेक्ष किसी
तत्व का परमाणु द्रव्यमान = तत्व के एक परमाणु का द्रव्यमान / हाइड्रोजन के एक परमाणु का द्रव्यमान
नाइट्रोजन को देखा जाए तो औसत रूप से इसका परमाणु द्रव्यमान 14 आता है, क्योंकि नाइट्रोजन का एक परमाणु हाइड्रोजन के एक परमाणु से 14 गुना भारी होता है।
इसके बाद हाइड्रोजन को प्रमाणिक मानने के स्थान पर ऑक्सीजन को प्रमाणिक मानकर परमाणु द्रव्यमान को परिभाषित करने की कोशिश की गई। इनके अनुसार किसी तत्व का परमाणु भार यह बताता है, कि उसका एक परमाणु ऑक्सीजन के परमाणु के 1/16 वाँ भाग से कितना गुना अधिक भारी है।
परमाणु द्रव्यमान = तत्व के एक परमाणु का द्रव्यमान / 1/16 ऑक्सीजन के एक परमाणु का द्रव्यमान
सन 1961 में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक के संगठन ने पाया कि कार्बन C12 का समस्थानिक सर्वाधिक स्थाई होता है, इसीलिए इसे प्रमाणित मानकर परमाणु द्रव्यमान को परिभाषित किया जाना उचित होगा, इसलिए परमाणु का द्रव्यमान
परमाणु द्रव्यमान = तत्व के एक परमाणु का द्रव्यमान / 1/12 C12 कार्बन परमाणु का द्रव्यमान
और इसलिए carbon-12 परमाणु के 1 / 12 का भाग को परमाणु द्रव्यमान एकक मान लिया गया, यदि हीलियम का एक परमाणु carbon-12 के 1/12 वाँ भाग से 4 गुना भारी है, तो हीलियम का परमाणु द्रव्यमान 4 a.m.u. होता है।
कार्बन-12 के आधार पर कुछ तत्वों के परमाणु द्रव्यमान
- हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान :- 1.008 a.m.u.
- ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान :- 16.00 a.m.u.
- क्लोरीन का परमाणु द्रव्यमान :- 35.453 a.m.u.
- सोडियम का परमाणु द्रव्यमान :- 22.989 a.m.u.
परमाणु संख्या Atomic Number
किसी भी तत्व के परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनो की संख्या या धन आवेशों की संख्या जितनी होती है, उस संख्या को ही उस तत्व की उस परमाणु की परमाणु संख्या कहा जाता है,
अर्थात साधारण भाषा में कह सकते हैं, कि किसी भी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटोनों की कुल संख्या को उस परमाणु की परमाणु संख्या कहते हैं, जिसे हम Z के द्वारा प्रदर्शित करते हैं।
परमाणु संख्या (Z) = नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनो की संख्या या कक्षाओं में उपस्थित कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या
उदाहरण :- हाइड्रोजन परमाणु के नाभिक में केवल एक प्रोटोन होता है इसीलिए हाइड्रोजन की परमाणु संख्या भी एक होती है, जबकि कार्बन परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन 6 होते हैं, इसीलिए इसकी परमाणु संख्या 6 होती है, जबकि ऑक्सीजन के नाभिक में प्रोटॉनो की संख्या आठ होती है, इसीलिए ऑक्सीजन की परमाणु संख्या आठ होती है।
दोस्तों यहाँ पर आपने अणु और परमाणु में अंतर (Difference between molecule and atom) के साथ अन्य तथ्य पढ़े, आशा करता हुँ, आपको लेख अच्छा लगा होगा।
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