सांप काटने के बाद के लक्षण तथा उपचार Snakebite Symptoms remedy
हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख सांप काटने के बाद के लक्षण तथा उपचार (Snakebite Symptoms remedy) में।
दोस्तों यहाँ पर आप सर्पदंश के लक्षण तथा उपचार जानेंगे। साथ ही जानेंगे कि सर्पदंश क्या है और उससे व्यक्ति कैसे प्रभावित होता है? तो आइये शुरू करते है, यह लेख सर्पदंश के लक्षण तथा उपचार:-
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सर्पदंश क्या है What is Snakebite
संसार में बहुत से सर्प होते हैं, जिनकी प्रजातियां भी लगभग बहुत होती हैं, जो संसार के विभिन्न क्षेत्रों में पाए जाते हैं। इनमें से कुछ प्रजातियाँ बहुत ही विषैली होती हैं, जबकि कुछ प्रजातियाँ विषैली नहीं होती।
संसार के सभी सर्प प्रजातियों में से लगभग 10% ऐसे होते हैं, जो विषैले होते हैं और उनमें से 1% ऐसे होते हैं, जो भयंकर विषैले होते हैं, जिनके विष से मात्र कुछ ही छड़ों में ही व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।
विषैले सर्प का मनुष्य किसी भी प्राणी को काटना बहुत ही घातक होता है, इसके काटने से मनुष्य या अन्य प्राणी की तुरंत मृत्यु हो जाती है, किन्तु जो सर्प विषैले नहीं होते उनके काटने से कोई भी हानि नहीं होती।
सांप के काटने पर यह निश्चित करना अवश्य होता है, कि जिस सर्प ने काटा वह कैसा था। यदि किसी विषैले सांप ने काटा है, तो उसका प्राथमिक उपचार तुरंत आरंभ कर देना चाहिए, विषैले सर्प के ऊपरी जबड़े के पीछे की और दो दाँत होते हैं,
जो खोखले और नुकीले प्रकार के होते हैं और यह विषय ग्रंथि से संबंधित रहते हैं इन विष दंतो के द्वारा सर्प व्यक्ति को काटते समय विष शरीर में छोड़ देता है। अब यह विष रक्त वाहिनियों के द्वारा संपूर्ण शरीर में पहुंच जाता है और हृदय में पहुंचने पर तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति (रोगी) की मृत्यु हो जाती है।
सांप काटने के बाद के लक्षण Snakebite Symptoms
आये दिन हम सुनते रहते है और न्यूज़पेपर सोशल मीडिया आदि के द्वारा भी हमें जानकारी मिलती रहती है, कि किसी व्यक्ति की मृत्यु सर्प के काटने से हो गयी है। इसलिए आपको यहाँ पर सर्पदंश के लक्षण बताये गए है, जिनसे आप यह निश्चित कर पाएंगे कि अमुक व्यक्ति को किस सर्प ने काटा है:-
- विषैला सर्प द्वारा काटने पर विष दंत के द्वारा काटने पर दोनों दंतो के बीच की दूरी 2.5 सेंटीमीटर होती है।
- विषैले सर्प द्वारा काटे हुए स्थान पर पीला पड़ जाता है, सूजन आने लगती है, और घाव के स्थान पर रंग परिवर्तन होने लगता है और अधिकतर नीला रंग हो जाता है।
- जिस स्थान पर सांप के द्वारा काटा गया है, उस स्थान पर लगातार रक्त निकलता रहता है।
- सर्पदंश से प्रभावित रोगी का शरीर शिथिल होने लगता है और उसकी आंखें बंद होने लगती हैं।
- व्यक्ति को घबराहट होती है कभी - कभी व्यक्ति के मुँह से फसूखर और शरीर से पसीना आने लगता है।
सर्पदंश के उपचार Remedy Snakebite
- सबसे पहले सर्प के द्वारा काटे हुए स्थान से कुछ ऊपर की और टुनिकेट, रस्सी और जूते के फीते द्वारा इस प्रकार बांधे की रक्त शिराओं में रुकावट आ जाए।
- बंध लगाने के पश्चात् रोगी को आराम से इस प्रकार लिटाना चाहिए कि उसका ह्रदय वाला हिस्सा ऊपर की ओर रहें।
- अब सर्प द्वारा काटे स्थान पर अर्थात घाव को साफ चाकू या तेज धारा वाली वस्तु से काट देना चाहिए और लगभग घाव एक इंच गहरा कर देना चाहिए जिससे रक्त निरंतर बहता रहें।
- अब घाव को पोटेशियम परमैंगनेट के द्वारा धोकर जला देना चाहिए।
- घाव के रक्त को मुख द्वारा चूस कर भी बाहर निकाल सकते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया थोड़ी कठिन होती है, जिसके मुंह में छाले हैं वह यह क्रिया ना करें।
- घाव से रक्त को स्तन चूसक के द्वारा भी चूस कर बाहर निकाला जा सकता है।
- सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति (रोगी) को सांत्वना देते रहना चाहिए और उसे गर्म चाय या दूध पीने को देना चाहिए।
- व्यक्ति को यदि श्वास लेने में दिक्कत हो और वह श्वास नहीं ले पा रहा है, तो कृत्रिम श्वास भी देना प्रारंभ कर दिया जाना चाहिए।
- रोगी को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए और और डॉक्टर को फोन भी कर देना चाहिए।
- अस्पताल में रोगी को सर्पदंश विशेषज्ञ के द्वारा विषरोधी इंजेक्शन लगवाना चाहिए, इसके अतिरिक्त टिटनेस का इंजेक्शन भी लगवा देना चाहिए।
दोस्तों यहाँ पर आपने सांप काटने के बाद के लक्षण तथा उपचार (Snakebite Symptoms remedy) के बारे में पढ़ा। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।
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