संस्कृति का अर्थ एवं परिभाषा Meaning and defination of culture

संस्कृति का अर्थ एवं परिभाषा Meaning and defination of culture 

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख संस्कृति का अर्थ एवं परिभाषा (Meaning and defination of culture) में।

दोस्तों इस लेख के माध्यम से आप संस्कृति का अर्थ के साथ ही संस्कृति की परिभाषा समझाई गयी है, तो आइये शुरू करते है और पढ़ते है, यह लेख संस्कृति का अर्थ एवं परिभाषा:-


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संस्कृति का अर्थ एवं परिभाषा


संस्कृति का अर्थ Meaning of culture 

संस्कृति शब्द सम + कृति दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है, जिसका अर्थ होता है अच्छी प्रकार से सोच समझकर किए गए कार्य जो समाज के हित में समाज के लोगों के लिए लाभकारी मनोरंजक तथा लाभप्रद होते हैं। वहीं साधारण शब्दों में कह सकते है,

कि समाज में रहकर मनुष्यों द्वारा सीखा गया ज्ञान नियम आदर्श आदि संस्कृति है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे चलती जाती है। संस्कृति का अर्थ विभिन्न शास्त्रों में भिन्न-भिन्न रूपों में बताया गया है,

इतना ही नहीं किसी एक शास्त्र में इसके मूल्य तत्वों में विद्वानों में मतभेद भी दिखाई देते हैं, इसलिए सबसे पहले संस्कृति के प्रत्यय को समझना चाहिए। यह संसार एक विचित्र अजायबघर हैं, 

इसकी समस्त वस्तुओं एवं क्रियाओं को हम मोटे तौर पर दो भागों में विभाजित कर सकते हैं, एक प्राकृतिक रूप और दूसरा मानव द्वारा निर्मित रूप जो मानव द्वारा निर्मित और विकसित है,

जिसके अंतर्गत बर्तन, वस्त्र, आभूषण, मकान, बाजार, हत्या, आवागमन के साधन दूर संचार के साधन रहन-सहन और खान-पान की विधियाँ व्यवहार, भाषा, साहित्य कला कौशल संगीत नृत्य, दर्शन धर्म आदि आते हैं। परंतु कुछ विद्वान मनुष्य की समस्त उपलब्धियों को संस्कृति के रूप में मानते ही नहीं है।

हमारे भारतीय साहित्य में तो संस्कृति को संस्कारों के प्रतिफल के रूप में जाना जाता है, किंतु प्रश्न यह है, कि यह संस्कारों का प्रतिफल होता क्या है, हम जानते हैं,

कि मनुष्य की जन्मजात प्रकृति अन्य जीव-जंतुओं की जैसी ही होती है शिक्षा और संस्कारों की प्रक्रिया के द्वारा उनकी इस प्रकृति में लगातार परिवर्तन होता रहता है। अब यह परिवर्तन लोक हितकारी समाज हितकारी और माना हितकारी होता है,

उसको ही हम संस्कृति के नाम से जानते हैं और यदि वह परिवर्तन लोक के हित में नहीं होता है तो उसको हम विकृति के नाम दे देते हैं। हमारे हिंदू समाज में तो उसी व्यक्ति को सुसंस्कृत शालीन तथा सभ्य माना जाता है, जो संस्कारों की योजना से होकर ही गुजरता है

और समाज में सभी के प्रति अच्छा आचरण करता है, नीति शास्त्र में तो केवल धर्म, दर्शन, आदर्श विश्वास जैसे मूल्यों को ही संस्कृति का नाम दिया गया है।


संस्कृति की परिभाषा Defination of Culture 

  1. राधा कमल मुखर्जी के अनुसार :- संस्कृति में समाज के सदस्यों के विश्वासों के भावों तथा मूल्यों का संपूर्ण योग होता है उन संकेतों और जिलों का भी समस्त योग होता है जिसके माध्यमों से विश्वासों और मूल्यों की अभिव्यक्ति की जाती है।
  2. स्ंदकपे के द्वारा :- संस्कृति एक वह दुनिया है, जिसमे एक व्यक्ति जन्म से लेकर मृत्यु तक निवास करता है। चलता है, फिरता है, अपने अस्तित्व को बनाए रखता है और अपने आप में परिवर्तन करता है।"
  3. ब्रूम व सेल्जनिक के अनुसार:- समाज विज्ञानों में संस्कृति का अर्थ मनुष्य की सामाजिक विरासत से लिया जाता है। जिसमे ज्ञान विज्ञान, विश्वास व प्रथाएं आती है।"
  4. पावेल के अनुसार," संस्कृति सीखा हुआ व्यवहार है, जो सीखा जा सके वही संस्कृति है।"
  5. क्लूखान के अनुसार :- एक समाज विशेष के सदस्यो द्वारा ग्रहण किये गये, एक जीवन का ढंग ही संस्कृति है।"
  6. फेयर चाइल्ड के अनुसार,"  प्रतीको द्वारा सामाजिक रूप से प्राप्त एवं संचारित सभी व्यवहार प्रतिमानो के लिए सामूहिक नाम संस्कृति है।"
  7. सी.एस. पफोर्ड के अनुसार :- संस्कृति मे समस्याओं के सुलझाने के परंपरागत तरीको या समस्याओं से सीखो हुये हलो का समावेश होता है।"

दोस्तों आपने यहाँ पर संस्कृति की परिभाषा तथा अर्थ (Meaning and defination of culture) पढ़ा। आशा करता हूँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।


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