टाइफाइड क्या है लक्षण कारण उपचार what is typhoid symptoms causes treatment

टाइफाइड क्या है लक्षण कारण उपचार what is typhoid symptoms causes treatment

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख टाइफाइड क्या है लक्षण कारण उपचार (what is typhoid symptoms causes treatment) में। दोस्तों इस लेख के माध्यम से आप टाइफाइड बुखार क्या है?

टाइफाइड रोग का कारक, टाइफाइड रोग का संक्रमण, टाइफाइड रोग के लक्षण हिंदी में, उपचार के साथ जानेंगे। तो आइये दोस्तों करते है, यह लेख शुरू टाइफाइड क्या है लक्षण कारण उपचार:-

सामान्य जुखाम क्या है लक्षण कारण उपाय

टाइफाइड क्या है लक्षण कारण उपचार

टाइफाइड बुखार क्या है what is typhoid fever

टाइफाइड जिसे भारत में टाइफाइड ज्वर मियादी बुखार, और हिंदी में मोतीझरा के साथ अन्य कई नामों से जाना जाता है, एक अति सामान्य संचारी रोगों में से एक हैं। यह एक ऐसा घातक रोग है,

जिसमें प्रतिवर्ष लगभग 2 से 3 मिलियन Million शिशु भारत में ही प्रभावित होते हैं। सन 2015 में विश्व में लगभग 12.5 मिलियन लोग टाइफाइड नामक रोग से ग्रसित हुए थे, जिनमें से 1.5 मिलियन लोगों की मृत्यु Death भी हो गई थी।

टाइफाइड क्या है लक्षण कारण उपचार

टाइफाइड बुखार का कारक Cause of typhoid fever

टाइफाइड रोग का कारक सालमोनेला टायफी नामक जीवाणु Bacteria होता है अर्थात टाइफाइड रोग 1 ग्राम नेगेटिव बेसिल्ली जीवाणु सालमोनेला टायफी (Salmonella Typhi) के संक्रमण से फैलता है।

इस रोग को सालमोनेला इंटेरिका सिरोटाइप टाइफी Salmonella Enterica Serotype Typhi के नाम से भी जाना जाता है जबकि इसका नाम टाइफाइड नाम टायफस (Typhus) नामक रोग की समानता के कारण रख दिया गया है। 

टाइफाइड रोग का संक्रमण Typhoid infection

टाइफाइड कैसे होता है - टाइफाइड रोग का संक्रमण Typhoid infection एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में प्रमुख रूप से दूषित भोजन Polluted Food दूषित जल Polluted Water के कारण होता है।

जब टाइफाइड रोग से संक्रमित व्यक्ति मल त्याग करता है, तो उस मल में हजारों टाइफाइड के जीवाणु होते हैं। यह जीवाणु मक्खियों (Bees) तथा अन्य मल भक्षण करने वाले कीटाणुओं के पैरों में पंखो में चिपक जाते हैं।

जब यह मक्खियाँ खाने पीने की वस्तुओं पर बैठती हैं तब यह जीवाणु खाने पीने की वस्तुओं पर पहुंच जाते हैं और जब लोग इन वस्तुओं को खाते हैं,

तब यह लोग इन जीवाणुओं (Bacteria) से संक्रमित हो जाते हैं और उस व्यक्ति को टाइफाइड रोग हो जाता है। टाइफाइड रोग की ऊष्मायन अवधि 6 दिन से 30 दिन के बीच की होती है।

टाइफाइड रोग के लक्षण हिंदी में Symptoms of Typhoid fever in hindi

  1. जब व्यक्ति टाइफाइड नामक रोग से प्रभावित हो जाता है तो वह कई दिनों तक लगातार तीव्र ज्वर या मंद ज्वर High Fever or Low Fever से संक्रमित रह सकता है।
  2. सात से आठ दिन के पश्चात व्यक्ति में ज्वर तो कम हो जाता है, किंतु कई अन्य प्रकार के नुकसानदायक लक्षण उत्पन्न होने लगते हैं।
  3. संक्रमित व्यक्ति को भूख कम लगती है, बुखार 102 फारेन्हाइट से भी अधिक हो जाता है, लिवर और स्पलीन Liver or Spleen भी प्रभावित होने लगती है। 
  4. व्यक्ति को शारीरिक कमजोरी महसूस होने लगती है, उसके सिर में थोड़ा-थोड़ा दर्द भी रहता है, कभी-कभी तेज भी दर्द होने लगता है।
  5. व्यक्ति का पेट खराब रहता है, अपच, कब्ज और शूल की शिकायत शुरू हो जाती है, कभी-कभी दस्त /डायरिया की शिकायत भी होने लगती हैं।
  6. कुछ व्यक्तियों की त्वचा पर गुलाबी रंग के धब्बे भी पड़ने शुरू हो जाते हैं, आंतों में घाव बन जाता है और रक्तश्राव Bleeding भी होता है।

टाइफाइड रोग का नियंत्रण और रोकथाम Control and Prevention of Typhoid Fever 

  1. टाइफाइड रोग प्रदूषित भोजन और प्रदूषित जल के कारण अधिक फैलता है, इसीलिए इसकी रोकथाम के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात होती है स्वच्छता अर्थात टाइफाइड रोग की रोकथाम के लिए सबसे अच्छा उपाय स्वच्छता Cleanliness को अपनाना होता है।
  2. टाइफाइड रोग से बचने के लिए सभी व्यक्तियों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए उन्हें स्वच्छ पानी पीने के साधनों को प्रदूषित होने से बचाना चाहिए। 
  3. दूषित भोजन खुले में रखी हुई मिठाईयाँ, फास्ट फूड आदि को नहीं खाना चाहिए जबकि सब्जियों और फलों का उपयोग धोकर ही करना चाहिए।
  4. जल को हमेशा उबालकर साफ कपड़े से छान कर पीना चाहिए, गंदे जल में व्यक्तियों को नहीं नहाना चाहिए तथा मवेशियों को भी गंदे जल में नहाने से मना होना चाहिए।
  5. व्यक्ति को अपने हाँथो और शरीर की साफ-सफाई के साथ घर के खाने -पीने के बर्तनो के साथ अन्य सभी सामानो जैसे कूलर आदि की ठीक से साफ-सफाई करनी चाहिए और साफ बर्तनो में ही गर्म खाना खाना चाहिए। 
  6. टाइफाइड के टीके Typhoid vaccines भी उपलब्ध हैं, जो 2 वर्ष के लिए प्रतिरक्षा प्रदान करते हैं। कुछ व्यक्तियों में टीके का प्रभाव 7 वर्ष तक के लिए भी होता है, इसीलिए टाइफाइड रोग में टीका अवश्य लेना चाहिए। 
  7. टाइफाइड रोग के लिए विभिन्न प्रकार की औषधियाँ भी बनाई जा चुके हैं, कई प्रकार की एंटीबायोटिक Antibiotic के द्वारा भी टाइफाइड का इलाज किया जाता है, जिनमें एंपीसिलीन, क्लोरेम्फैनिकॉल क्लोरोमायसेटिन आदि प्रमुख एंटीबायोटिक है। 

टाइफाइड का आयुर्वेदिक इलाज Ayurvedic treatment for typhoid

आयुर्वेद में भी चमत्कारी जड़ी बूटियाँ है जिनका उपयोग करने से टाइफाइड नामक रोग Typhoid Fever में बहुत ही आराम देखने को मिलता है

टाइफाइड बुखार में खूबकला लगभग तीन ग्राम, के साथ पांच मुनक्के और लगभग चार अंजीर को 400 ग्राम पानी में डालकर एक साफ बर्तन में इतना गर्म करें कि उसमें पानी लगभग 100 रह जाये।

इसके बाद इसको गिलास में अच्छे से मिला लें और छान लें अब जो पदार्थ आपको प्राप्त हुआ उस पदार्थ को काढा कहा जाता है, जिसे दिन में तीन से चार बार आधा-आधा कप पीने से टाइफाइड बुखार में आराम मिलता है। 

टाइफाइड बुखार में तुलसी और सूरजमुखी का रस, सेब का जूस और अदरक का रस, घी में लहसुन, लौंग और अदरक का काढ़ा, गुनगुने पानी से और शहद साधारण पानी से लेने से फायदा मिलता है।

दोस्तों इस लेख में आपने टाइफाइड क्या है लक्षण कारण उपचार (what is typhoid symptoms causes treatment) पढ़ा। आशा करता हूँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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