रक्त दाब क्या है इसके प्रकार what is blood pressure its type
रक्त दाब क्या है what is blood pressure
रक्तदाब को अंग्रेजी में ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) के नाम से जाना जाता है, क्योंकि ब्लड प्रेशर आज के समय में एक आम समस्या के रूप में सामने उभरकर आई है
जो मुख्य रूप से तनाव, टेंशन, भय, थकावट विभिन्न बीमारियों आदि के कारण उत्पन्न होने वाली एक घातक समस्या है। साधारण भाषा में कहें कि जब ह्रदय (Heart) में उपस्थित निलय
धमनियो में रक्त पम्प करते है और आलिंद से रक्त ग्रहण करते है तो रुधिर के द्वारा अर्थात रक्त के द्वारा धमनियों पर लगने वाला दबाव रक्तदाब अर्थात ब्लड प्रेशर कहलाता है जो कभी-कभी इतना अधिक और इतना कम हो जाता है,
कि मनुष्य की जान भी चली जाती है। रक्तदाब उम्र, लिंग, अनुवांशिकता शारीरिक तथा मानसिक स्थिति तथा विभिन्न प्रकार के रोगों तथा बीमारियों के अनुसार बदलता रहता है। रक्तदाब की खोज सर्वप्रथम एस हेल्स नामक वैज्ञानिक ने 1733 ईस्वी में घोड़े में की थी। रक्तदाब निम्न दो प्रकार का होता है।
सकुंचन रक्तदाब Sistolic Blood Pressure
सकुंचन रक्तदाब उस स्थिति में उत्पन्न होता है, जब हृदय में उपस्थित निलय सिकुड़ने लगते हैं, और निलय में भरा हुआ रक्त धमनियों में पंप होता है, जिससे रक्त के कारण धमनियों पर एक दबाव पड़ता है, उस दबाव को सकुंचन रक्तदाब (Systolic Blood Pressure)
कहा जाता है, क्योंकि यह दबाव निलय के सकुंचन के फलस्वरूप उत्पन्न होता है। सकुंचन रक्तदाब उतना होता है, जितना कि 120 मिलीमीटर पारे के स्तंभ द्वारा उत्पन्न होता है इसलिए सकुंचन रक्तदाब का मान 120 mm/hg होता है।
अनुशिथिलन दाब Diastolic Blood Pressure
अनुशिथिलन दाब उस स्थिति में उत्पन्न होता है, जब ह्रदय में उपस्थित निलय फैलने लगते हैं, क्योंकि इस स्थिति में रुधिर आलिंद से होता हुआ निलय में प्रवेश करता है अतः रुधिर के कारण हृदय की धमनियों पर उस समय लगने वाला
दाब अनुशिथिलन दाब (Diastolic Blood Pressure) कहलाता है। यह दाब 80 मिलीमीटर पारे के स्तंभ द्वारा उत्पन्न दाब के बराबर होता है इसलिए इसका मान 80 mm/hg होता है।
सिस्टोलिक डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर किसे कहते हैं What is systolic diastolic blood pressure
सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर क्या है - जब ह्रदय में उपस्थित निलय के द्वारा रक्त को धमनियों में पंप किया जाता है उस स्थिति में रक्त के द्वारा धमनियों की दीवारों पर लगाया गया दाब सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर के नाम से जाना जाता है जिसका मान 120mm/hg होता है।
डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर क्या है - वहीं दूसरी तरफ जब रक्त आलिंद से निलय में प्रवेश करता है तब रक्त के द्वारा धमनियों पर लगाया गया दाब डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर के नाम से जाना जाता है जिसका मान 80mm/hgहोता है
उच्च रक्तचाप के लक्षण Symptoms of high blood pressure
निलय धमनियों में जब रक्त पंप करता है, तो रक्त के द्वारा धमनियों पर दाब लगता है, जिसको सिस्टोलिक दाब कहते हैं, जिसका मान 120 mm/hg होता है,
किन्तु इससे अधिक मान होने की स्थिति में उसको उच्च रक्तचाप, हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन (Hypertension) के नाम से जाना जाता है, जिसके लक्षण निम्न प्रकार की हो सकते हैं:-
- रोगी को लगातार सिर में दर्द होना
- लगातार चक्कर आना तथा पलटी होना
- शरीर में कमजोरी उत्पन्न हो जाना
- नाक से खून निकलना
- सांस लेने में परेशानी होने लगना
उच्च रक्तचाप के कारण Causes of high blood pressure
- अधिक भूख लगना, अधिक खाना खाना और अधिक वजन हो जाना, मोटापा
- नमक तथा नमक से युक्त अधिक खाद्य पदार्थों का उपभोग करना
- पौष्टिक भोजन फल सब्जियाँ आदि का उपभोग ना करना
- पर्याप्त मात्रा में नींद ना लेना
- धूम्रपान करना, शराब पीना
- किसी भी समस्या के कारण चिंताग्रस्त रहना
किसी भी प्रकार का भय होना, दुख होना आदि सभी उच्च रक्तचाप के कारण हो सकते हैं। हाइपरटेंशन की स्थिति में रक्तवाहिनियाँ फट जाती हैं, जिससे आंतरिक रक्तस्राव होने लगता है।
मस्तिष्क की शिराएँ फट जाती हैं, और मस्तिष्क काम करना बंद कर देता है तथा मनुष्य को कभी-कभी हृदयाघात (Heart attack) भी हो जाता है।
निम्न रक्तचाप के लक्षण Symptoms of low blood pressure
जब रक्त आलिंद से निलय में प्रवेश करता है, उस समय रक्त के द्वारा धमनियों पर लगने वाला दाब निम्न रक्तचाप होता है, जिसे लो ब्लड प्रेशर या हाइपोटेंशन (Hypotension) के नाम से भी जाना जाता है। निम्न रक्तचाप के निम्न लक्षण हो सकते हैं:-
- अचानक कमजोरी आ जाना चक्कर आना
- प्यास लगना, जी मचलना
- शरीर अचानक ठंडा पड़ जाना
- आँखों पर धुंधलापन छा जाना
- अचानक बेहोशी हो जाना
- शरीर अकड़ जाना आदि निम्न रक्तचाप के लक्षण हो सकते हैं
निम्न रक्तचाप के कारण Causes of low blood pressure
- शरीर में खून की कमी, शारीरिक कमजोरी, कुपोषण
- हृदय संबंधी बीमारियाँ शरीर में पानी की कमी
- विभिन्न प्रकार की दवाइयाँ खाना, डिहाईड्रेशन
आदि के कारण निम्न रक्तचाप हो सकता है, हाइपोटेंशन की स्थिति में हृदय की संकुचन अवस्था और तीव्रता दोनों में कमी उत्पन्न हो जाती है, धमनियाँ फैल जाती है और रक्त की कमी होने लगती है।
रक्त दाब मापने के यंत्र का नाम Name of blood pressure gauge
स्फिग्मोमैनोमीटर क्या है- स्फिग्मोमैनोमीटर एक यंत्र है, जिसका उपयोग रक्तचाप को नापने के लिए किया जाता है। स्फिग्मोमैनोमीटर को हिंदी में रक्तचाप मापक यंत्र और रुधिरदाबमापी के नाम से जाना जाता है,
जिसका अविष्कार प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ॰ रिगरोसी ने 1869 ईस्वी में किया था। जिसका उपयोग मुख्य रूप से चिकित्सा के क्षेत्र में सबसे अधिक होता है। स्फिग्मोमैनोमीटर दो प्रकार के होते है:-
साधारण रक्तचापमापी Simple Sphygmomanometer
यह वो स्फिग्मोमैनोमीटर (Sphygmanometer) है, जिसका उपयोग करने के लिए ट्रैनिग की आवश्यकता होती है, इसमें ब्लड प्रेशर चैक करने के लिए स्फिगमैनोमीटर की भी आवश्यकता होती है।
स्वचालित रक्तचाप Automatic Sphygmomanometer
डिजिटल या फिर यांत्रिक रक्तचाप मापी भी कह सकते हैं क्योंकि इसमें ऑटोमेटिक तरीके से ही रक्तचाप ज्ञात हो जाता है, इसके लिए विशेष ट्रैनिग (Training) की जरूरत नहीं होती है।
दोस्तों आपने इस लेख में रक्त दाब क्या है इसके प्रकार (what is blood pressure its type) आदि के बारे में पढ़ा आशा करता हूँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।
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