जूँ क्या है जूँ की दवा तथा जानकारी What is lice, medicine and information for lice
हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख जूँ क्या है? जूँ की दवा तथा जानकारी में। दोस्तों इस लेख में आप जूँ क्या है?
जूँ का वर्गीकरण, जूँ का जीवन चक्र के साथ ही जूँ की दवा, जूँ मारने के घरेलु उपाय भी जान पायेंगे। तो आइये दोस्तों करते है, यह लेख शुरू जूँ क्या है जूँ की दवा तथा जानकारी:-
जूँ का वर्गीकरण Classification of lice
- संघ (Phylum) - आर्थोपोडा (Arthropoda)
- वर्ग (Class) - इनसेक्टा (Insecta)
- गण (Order) - एनोप्लुरा (Anopleura)
- वंश (Genus) - पेडीकुलस (Pediculus)
- प्रजाति (Species) - हूँमेनस (Hummenus)
जूँ का वितरण Distribution of lice
जूँ संपूर्ण विश्व में पाया जाने वाला एक कीट है जो संघ आर्थोपोडा (Phylum Arthropoda) के अंतर्गत आता है। यह बाह्य परजीवी है जो स्तनधारियों Mammals के बालों में पाया जाता है तथा रक्त चूसता है जो इसका भोजन है।
स्वभाव एवं आवास Nature and habitat
जूँ बाह्य परजीवी होता है। स्तनधारियों के बाहरी सतह (Outer surface of mammals) पर जहाँ बालों की संख्या अधिक होती है, मुख्य रूप से सिर पर पाया जाता है।
स्तनधारियों के बालों को यह मजबूती से पकड़ कर रखता है और रक्तपान करता है अर्थात रक्त को चूसता रहता है। यह नम तथा गर्म सभी प्रकार के वातावरण में रहने के लिए अनुकूलित होता है।
बाह्य संरचना External structure
जूँ एक बाह्य परजीवी External Parasite होता है, जो छोटा सा कीट है इसका शरीर पृष्ठ - अधर से चपटा रहता है तथा हल्के पीले तथा किनारों पर गहरे रंग का होता है।
जूँ का सिर छोटा तथा उस पर एक जोड़ी आँखे तथा एक जोड़ी पाँच खंडो से निर्मित एंटीना पायी जाती है। मुखाँग का कार्य भेदने तथा चूसने का होता है।
इनके सिर के बाद तीन खंड में विभाजित वक्ष होता है। जिस पर किसी भी प्रकार के पंख नहीं पाए जाते। वक्ष के प्रत्येक खंड में एक जोड़ी टांगे होती हैं जो प्रचलन तथा चिपकने के लिए मदद करती हैं। इनका उदर नौ खंड में विभाजित रहता है।
जूँ का जीवन चक्र Lice life cycle
जूँ का प्रजनन काल Breeding Season का उपयुक्त समय ग्रीष्म काल होता है और मादा अपने जीवन काल में लगभग 50 से 100 अंडे (Ages) देती है। मादा 8 से 10 अंडे प्रतिदिन की दर से देती हैं जो बालों में छोड़ दिए जाते हैं।
इसके बाद अंडों का परिवर्धन होता है, जिसमें लगभग 8 दिन से 10 दिन का समय लगता है। 8 से 10 दिन के बाद अंडों से भ्रूण निकलता है जिसको निम्फ (Nimph)कहा जाता है।
इसके अलावा 11 दिनों के बाद इन में परिवर्तन होता है और कायान्तरण (Metamorphosis) होने के बाद यह वयस्क में बदल जाते हैं।
जूँ से फैलने वाले रोग Lice-borne diseases
जूँ मुख्य रूप से टाइफाइड और रिलेप्सिंग बुखार (Typhoid and Relapsing fever) जैसे रोगों के यांत्रिक वाहक के रूप में रोग का स्थानांतरित करने के लिए जाने जाते हैं।
बचाव एवं नियंत्रण Rescue and control
जो भी व्यक्ति जूँ रोग से प्रभावित हो रहा है, उसको नित्य प्रति ठीक प्रकार से नहाना चाहिए तथा अन्य लोगों को उस व्यक्ति से थोड़ी दूरी बनाकर रहना चाहिए।
जूँ की संख्या को नियंत्रित करने के लिए डीडीटी बेंजाइल बेंजोएट DDT Benzyl Benzoate के इमलसन का प्रयोग अधिक लाभकारी होता है। इसके प्रयोग से जूँ की संख्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
सरसों के तेल में मात्र एक बूंद मरकरी Mercury की डालकर बालों में धातु के सिक्के से लगाने से जूँ मर जाते हैं। यह भी एक असरकारक उपाय होता है।
जूँ मारने की दवा घरेलु उपाय Home remedies for lice
सरसों के तेल में सिरका डालकर लगाने से जूँ मर जाते है कियोकि सिरका में ऐसीटिक एसिड (Acetic acid) पाया जाता है।
कपूर और सरसों के तेल का मिश्रण भी जूँ मारने का एक अच्छा उपाय है। कपूर और तेल के मिश्रण को बालों में लगाकर धूप में सुखाने से जूँ मर जाते है।
प्याज को अच्छी तरह पीस लें तथा उसका रस निकाल कर बालों में लगाएं तथा कुछ समय बाद बालों को ठंडे पानी से धोएँ, इससे भी आराम मिलता है।
नीम की पत्तियों को पानी में डालकर खूब उबाले उसके बाद ठंडा करके उससे बालों को धोने से जूँ मर जाते है तथा लार्वा नष्ट हो जाते है।
दोस्तों इस लेख में आपने जूँ क्या है (what is lice) जूँ की दवा तथा जानकारी पढ़ी। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।
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